क्या वाकई देश का मुसलमान डरा हुआ है?

वर्तमान भारत में मुसलमानों की जनसंख्या लगभग 18 करोड़ है, जो कि कुल जनसँख्या का लगभग 15% है।अन्य किसी भी मुस्लिम देश से भारत के मुस्लिम जनसँख्या में हुए वृद्धि का तुलनात्मक अध्ययन करें तो ये पता चलता है कि भारत में हुए मुस्लिम जनसँख्या में वृद्धि अन्य देशों की तुलना में काफी तेजी से …

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राजनीतिक उपेक्षाओं को सहता विकास से वंचित बिहार का मिथिलांचल

जनता का प्रतिनिधित्व करने वाला नेता जनता का सेवक होता है, जिसे जनता अपने जीवन के विकास के सभी पहलुओं में अग्रणी बनाने के लिए चुनती है। अगर हमारे देश में राजनीती साफ सुथरी होती और ये जनता की सेवा और देश के विकास के लिए की जाती, तो आज हमारा देश विकसित देशों की …

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ऑनलाइन संसार – खत्म होता शिष्टाचार

इंटरनेट ने जिस गति से आधुनिक जीवन में अहस्तानांतरणीय जगह बनायी है, उतनी ही तेज़ी से इसने समाज में अश्लीलता पडोसी है। ऐसा नहीं है कि अश्लीलता के नाम पर केवल पोर्न व्यापार फला फुला है, बल्कि ऑनलाइन संसार ने समाज में अशिष्टता और उद्दंडता जैसी कुरीतियाँ भी भर दी है। ऐसे शब्द जो आम …

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घोटाले का लालू और बीमार बिहार

"मैं एक बिहारी हूँ" कोई भी बिहारी इस बात को गर्व से कहे, शर्म से कहे या अफसोस जाहिर करते हुए कहे, इस बात को वो आजतक नही समझ पाए हैं और यकीन मानिये हमारी तरह और भी ऐसे असंख्य बिहारी हैं जो इसी असमंजस में रहते हैं। ऐसी बात नहीं है कि हमें अपनी …

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राहत इंदौरी साहेब को समर्पित कुछ पंक्तियाँ

वो खिलाफ़ भी होते हैं बशर्ते क़ौम लिखा हो सिवा इसके कोई और जान, जान थोड़ी है लगेगी आग कहीं तो बुझाना है सबको मिल जुलकर क्या तेरा क्या मेरा घरों में रहता कोई हैवान थोड़ी है यहाँ घर में ही बन बैठे हमारे कई दुश्मन लेकिन हिंद के सैनिक देखते ईमान थोड़ी हैं किसी के …

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हम सब ट्रोल हैं

सोशल मीडिया का संसार, वास्तविक दुनिया को काल्पनिक तरीके से दिखाने वाले लोगों से भरी पड़ी है। जब मैंने यहाँ कदम रखा था, तो बिलकुल भी नही सोचा था कि मेरे वास्तविक नाम के अलावा भी मुझे अन्य कई नामों से जाना जायेगा। किसी पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होना पहले कोई नाम नहीं देती …

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बिहार आँखो देखी : कचरे के ढेर में सड़ता सुशासन 

गाँधी जी ने कहा था स्वच्छता, भक्ति से बढ़कर है। लेकिन बिहार एक ऐसा राज्य है जहाँ स्वच्छता का नामोनिशान दूर-दूर तक नहीं दिखता। गाँव और छोटे शहरों की गंदगी तो चरम सीमा पर है ही, राजधानी पटना तक की सड़कें और गालियाँ गंदगी से बजबजा रही है। वैसे पटना शहर का नाम भारत के …

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अरविंद केजरीवाल – इंसान या राजनीती का नक्सलवादी

अन्ना आंदोलन से निकले अरविंद केजरीवाल ने कम समय में ही राजनीती में बहुत सुर्खियां बटोरी हैं, लेकिन समय के साथ ये सुर्खियां नकारात्मकताओं से भरती चली गयी और आज इनकी राजनीती मोहल्ले के छुटभैये बदमाश नेताओ से भरी हुई है। काँग्रेस की घटिया देश चलाने की नीति और ताबरतोड़ घोटालों से ऊब चुके देशवासी …

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बिहार आँखों देखी: नोटबंदी – कितना मुश्किल है बिहार में कैशलेस अभियान को सफल बनाना

एक तरफ जहाँ देश में डिजिटल क्रांति लाने की हर संभव कोशिश की जा रही है और केंद्र सरकार द्वारा इस योजना को सफल बनाने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं बिहार का डिजिटल युग से नाता बहुत कमजोर और लचर दिखता है। किसी भी राज्य की प्रगति का पथ प्रशस्त करने …

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बिहार आँखों देखी : पुलिस उपाधीक्षक सुश्री निर्मला कुमारी का अदभुत कला कौशल 

कला ईश्वर का दिया हुआ एक अनमोल वरदान है और यह वरदान किसी ना किसी मात्रा में हम सब के अंदर मौजूद है। लेकिन कला को निखारना आसान नहीं होता, इसके लिए तपस्या करनी पड़ती है और निरंतर अभ्यास करना पड़ता है। कला का महत्व और भी बढ़ जाता है जब आप अपने दैनिक कार्य …

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