बिहार आँखों देखी : पुलिस उपाधीक्षक सुश्री निर्मला कुमारी का अदभुत कला कौशल 

कला ईश्वर का दिया हुआ एक अनमोल वरदान है और यह वरदान किसी ना किसी मात्रा में हम सब के अंदर मौजूद है। लेकिन कला को निखारना आसान नहीं होता, इसके लिए तपस्या करनी पड़ती है और निरंतर अभ्यास करना पड़ता है। कला का महत्व और भी बढ़ जाता है जब आप अपने दैनिक कार्य …

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बिहार आँखों देखी : गुंडागर्दी का राज्य, गली-गली पनप रहा अपराध

अपराध की वारदातें तो आये दिन हमारे देश के हर राज्य में होती रहती हैं। लेकिन, अगर बिहार की बात करें तो यहाँ अपराध महज एक वारदात नहीं रह गया है। अपराध को अपना पेशा बनाने वाले वाले छोटे-बड़े पूंजीपतियों और अपराधियों का बिहार के शहर से लेकर गाँव तक, हर जगह  का बोलबाला है। …

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हास्य कलाकार एवं अभिनेता कपिल शर्मा को खुला पत्र

प्रिय भाई कपिल शर्मा जी, सर्वप्रथम आपको हमें अपने साफ सुथरे हास्य कला के जरिए हँसाते रहने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। आपने भले ही रिश्वत माँगे जाने पर ज़ाहिर की हुई अपनी प्रतिक्रिया से कई चाहने वालों का दिल दुखाया हो, लेकिन मुझे लगता है आपने कोई गलती नहीं की है। आज आप लोकप्रियता की …

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पेलेट गन पर रोक के फैसले पर गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह जी को खुला पत्र

माननीय श्री राजनाथ सिंह जी को सप्रेम नमस्कार, मेरा आपको चिट्ठी लिखने का मकसद आपको किसी प्रकार की खरी-खोटी सुनाना नहीं है और ना ही मैं आपको विभिन्न राजनीतिक पार्टियों की तरह बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए यह चिट्ठी लिख रहा हूँ। बल्कि, मैं खुश हूँ कि मैं जिन्हें अपने देश के प्रधानमंत्री के तौर …

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मैं खुद में खो रहा अपनों से दूर हो रहा हूँ…

मेरा देश मेरा क्षेत्र मेरा गाँव मेरा घर रोम रोम अंदर मेरे देते मुझे ये खबर बोल मीठे मधुर जोड़े एक दूसरे को दर बदर सुन के अपने देश के टुकड़े टुकड़े होने की बात घूँट खून का पी अंदर शहर हो रहा हूँ मैं खुद में खो रहा अपनों से दूर हो रहा हूँ...!! …

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आज का पंचतन्त्र : माल्या भागा तब सियासत जागा

किसी गाँव में एक सेठानी रहती थी, जिसका वहाँ बहुत बड़ा रुतबा था। सेठानी बहुत अमीर थी, क्योंकि उसका पति कभी राजा रजवाड़े के खानदान से था और बरसों से गाँव में अपना प्रभुत्व बनाये रखा था। सेठानी और उसके बेटे ने अपने यहाँ एक लकड़ी का पुतला रखा था, जिसे वो गाँव का सरपंच …

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कन्हैया के आधारहीन नारों का समर्थन करने वाले एक बार जरूर पढ़ें ..

आप सब इस बात की सच्चाई को बहुत अच्छे से जानते हैं कि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। अपने आस पड़ोस हो रही कितनी ही घटनाओ में हम इसका जिक्र कर देते हैं। बुद्धिजीवी वर्ग से भी अक्सर यह ज्ञान सुनने को मिलता है कि हमें किसी भी घटना का बस वह पहलू …

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रविश कुमार को मेरा खुला पत्र

रविश जी, आगे कुछ भी लिखने से पहले मैं आपको बता दूँ की यह चिठ्ठी गाली-गलौज या धमकी से भरी नहीं है, इसलिए आप अपने कीमती समय में से थोड़ा सा वक़्त निकालकर इसे एक बार जरूर पढें। मेरी यह चिठ्ठी उस रविश कुमार के लिए है, जिसे मैं एक वक़्त इतना चाहता था कि …

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सरस्वती पूजा 

रोज़ की तरह आज सुबह जब माँ को फ़ोन किया तो उन्होंने बताया कि आज सरस्वती पूजा है और हम स्नान कर पूजा करने के पश्चात ही कुछ खायें। ऐसा नहीं था कि विगत कुछ वर्षों में पहली बार मैं सरस्वती पूजा का दिन भूल रहा था लेकिन फिर भी माँ का सरस्वती पूजा याद दिलाना …

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नफ़रत की जड़ 

वो वक़्त और था जब हमारे शिक्षक कहा करते थे बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए, देश के उच्च पदों पर विराजमान लोग सम्माननिय होते हैं और उनका नाम हमें आदर के साथ लेना चाहिए। चाहे वो किसी प्रदेश के मुख्यमंत्री हो या देश के प्रधानमंत्री, हम सबके नाम के साथ श्री लगाते थे वरना गुरूजी …

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