ऑनलाइन संसार – खत्म होता शिष्टाचार

इंटरनेट ने जिस गति से आधुनिक जीवन में अहस्तानांतरणीय जगह बनायी है, उतनी ही तेज़ी से इसने समाज में अश्लीलता पडोसी है। ऐसा नहीं है कि अश्लीलता के नाम पर केवल पोर्न व्यापार फला फुला है, बल्कि ऑनलाइन संसार ने समाज में अशिष्टता और उद्दंडता जैसी कुरीतियाँ भी भर दी है। ऐसे शब्द जो आम …

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घोटाले का लालू और बीमार बिहार

"मैं एक बिहारी हूँ" कोई भी बिहारी इस बात को गर्व से कहे, शर्म से कहे या अफसोस जाहिर करते हुए कहे, इस बात को वो आजतक नही समझ पाए हैं और यकीन मानिये हमारी तरह और भी ऐसे असंख्य बिहारी हैं जो इसी असमंजस में रहते हैं। ऐसी बात नहीं है कि हमें अपनी …

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राहत इंदौरी साहेब को समर्पित कुछ पंक्तियाँ

वो खिलाफ़ भी होते हैं बशर्ते क़ौम लिखा हो सिवा इसके कोई और जान, जान थोड़ी है लगेगी आग कहीं तो बुझाना है सबको मिल जुलकर क्या तेरा क्या मेरा घरों में रहता कोई हैवान थोड़ी है यहाँ घर में ही बन बैठे हमारे कई दुश्मन लेकिन हिंद के सैनिक देखते ईमान थोड़ी हैं किसी के …

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